तन्हा मेरा प्यार

ख़ामोशी से भरी है ये हवा
बातें कुछ हैं अधूरी सी यहाँ
अब क्या..
अब क्या..

दिल में थी जो तेरे लिए एक जगह
लफ़्ज़ों में कबि कह ही ना सका
अब क्या..
अब क्या..

बातें वही हैं मुलाक़ातें वही हैं
बस तू ही नहीं है मेरे पास
तन्हा मेरा प्यार करे इंतज़ार
तू.. तू है कहाँ..
तू है कहाँ..

बातें करता हूँ तेरे संग मैं
ये मान के तू अभी है यहाँ
प्यार करता हूँ अब भी तुझे
ये जान के तू नहीं है यहाँ
जान से ज्यादा थी चाहा है तुझको
अब जान भी जाये तो क्या
पर ज़िंदा रहूँगा बस तेरे लिए ही
करता रहूँगा इंतज़ार

तन्हा मेरा प्यार करे इंतज़ार
तू तू है कहाँ..
तू है कहाँ..
तू है कहाँ

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